Maana!!!

माना की तुम मुझे बहुत याद करोगे, माना सिर्फ़ अब नही बरसो बाद करोगे, माना की तुम फिर फिर आओगे यहाँ, एक बार और मिलने की फरियाद करोगे, माना की रातें तुम्हारी कुछ नाम होंगी, माना खुशिया मेरे बिना कुछ कम होंगी, माना तुम क़ैद रखोगे आँखो मे तस्वीरें, बंद कमरे मे तन्हा उन्हे आज़ाद […]

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घास

तुम भूलना चाहो मुझे, बेशक़ भूल जाओ, दिल मे जो एहसास रहेगा, वहाँ मैं रहूंगी, होंगे बहुत नाम जाने पहचाने तुम्हारे इर्द गिर्द, रात अंधेरे जब कोई ना देखे, ज़ुबान पे रहूंगी, लब भीगे होंगे तुम्हारे अक्सर कितने ही जामों से, एक अरसे बाद भी मिठास सी, लबों पे मिलूंगी, आँखो मे आई होगी नमी भी […]

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Rivaaz!!!

हुज़ूर ये शहर है बेमानी मुख़्तसर रिश्तों का यहाँ किसी से मोहब्बत नही किया करते… यहाँ मौसम और मिज़ाज़ बर्फ सा ठंडा है आग सी गुस्ताख़ी यहाँ नही किया करते… तुम खुश रहो अपनी चारदीवारी मे बहुत है, हर किसी बात मे दखल नही दिया करते… वक़्त चलता है अपनी ही चाल हर वक़्त, वक़्त […]

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कैसे ना कह पाएँगे!

बात निकलेगी जो कलम से, नाम तेरा कैसे छुपाएँगे, जो हुआ अच्छा हुआ, सच कहो ये कैसे ना कह पाएँगे, मुश्किले थी रास्ते मे तो क्या, साथ चलते तो आसान हो जाती, मंज़िल थोड़ी दूर थी तो क्या, एक एक कदम कर पास हो जाती, तुमने बदल लिया रास्ता भी और हमसफ़र भी, हम तन्हा […]

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